Sunday, 15 March 2015

शको 363

मंगाली में जांभाणी हरिकथा का समापन



 
मंगाली में जांभाणी हरिकथा का समापन
 
हिसार|बिश्नोई सभामंगाली समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से गुरु जंभेश्वर मंदिर, मंगाली में महंत स्वामी राजेंद्रानंद हरिद्वार की और से 7 मार्च से जांभाणी हरिकथा का प्रारंभ किया गया था। जो 13 मार्च को गुरु जंभेश्वर भगवान के द्वारा बताये गये 120 शब्दों का जाप करके पाहल बनाया तथा हरिकथा का समापन्न किया जिसमें महंत स्वामी राजेंद्रानंद हरिद्वार ने गुरु जंभेश्वर भगवान के द्वारा बताये गये 29 नियमों को विस्तार से बताया गया। स्वामी ने वक्षों की रक्षा करने तथा वन्य जीवों की रक्षा करने, कन्या भ्रूण हत्या करने तथा नशा मुक्ति के बारे में विशेष तौर पर बताया गया। स्वामी ने गऊओं की सेवा करना ही मनुष्य का परम धर्म बताया गया। जंभवाणी हरिकथा के दौरान डाॅ. ज्ञानवती बिश्नोई, बिश्नोई नर्सिंग होम, हिसार, बृजलाल खिचड़, सुभाष प्रधान बिश्नोई सभा, हिसार, ओम बिश्नोई जयपुर आदि उपस्थित थे।